मैथिली ठाकुर बायोग्राफी: मधुबनी की बेटी से देश की सांस्कृतिक आइकन बनने तक की पूरी कहानी

मैथिली ठाकुर बायोग्राफी — उम्र, शिक्षा, करियर, गाने और राजनीति

मैथिली ठाकुर बायोग्राफी: मधुबनी की बेटी से देश की सांस्कृतिक आइकन बनने तक

प्रकाशित: 16 नवंबर 2025 • श्रेणी: बायोग्राफी, संगीत, राजनीति

Maithili Thakur बायोग्राफी लोक संगीत
मैथिली ठाकुर – भारतीय लोकगायिका और सांस्कृतिक आइकन

मैथिली ठाकुर की मधुर आवाज और परंपरा से जुड़ी प्रस्तुति ने उन्हें केवल संगीत प्रेमियों में ही नहीं बल्कि जनमानस में भी लोकप्रिय बना दिया है। उनकी यात्रा एक साधारण परिवार से राष्ट्रीय पहचान तक की प्रेरणादायक कहानी है।

प्रारंभिक जीवन और परिवार

मैथिली ठाकुर का जन्म 25 जुलाई 2000 को बिहार के मधुबनी जिले के एक पारंपरिक परिवार में हुआ था। उनके पिता रमेश ठाकुर एक संगीत शिक्षक हैं और माता भारती ठाकुर गृहिणी हैं। संगीत का पहला बोध इन्हें घर पर ही मिला — पिता और दादा ने शुरुआती प्रशिक्षण दिया।

शिक्षा

मैथिली ने प्रारंभिक शिक्षा होम‑स्कूलिंग के माध्यम से प्राप्त की। बाद में उन्होंने दिल्ली के एक प्रतिष्ठित स्कूल से पढ़ाई की और आगे जाकर दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की। पढ़ाई और संगीत दोनों में संतुलन बनाते हुए उन्होंने अपनी कला को निखारा।

संगीत करियर और सफलता

मैथिली ठाकुर भारतीय शास्त्रीय और लोक संगीत दोनों में प्रशिक्षित हैं। कई रियलिटी शोज़ में उनकी भागीदारी ने उन्हें राष्ट्रीय पहचान दिलाई—जिसमें "राइजिंग स्टार" प्रमुख है। उनकी यूट्यूब चैनल पर अपलोड गाने करोड़ों बार देखे जा चुके हैं।

उनकी लोकप्रिय शैली

  • देवी‑स्तोत्र और भक्ति गीत
  • शिव स्तोत्र और कृष्ण भजन
  • मिथिला और भोजपुरी लोक गीत
  • त्योहार आधारित पारंपरिक गीत

Top गाने (चयनित)

  1. ऐगिरी नंदिनी (Mahishasuramardini Stotram)
  2. सम्पूर्ण शिव तांडव स्तोत्र
  3. राधे कौन से पुण्य किए
  4. अवध में राम आए हैं
  5. होली रे रसिया
  6. हरि नाम नहीं तो जीना क्या
  7. नामामि शामिशान

पुरस्कार और मान्यता

मैथिली को नेशनल क्रिएटर्स अवार्ड में "Cultural Ambassador of the Year" के सम्मान से नवाज़ा गया। साथ ही उन्हें कई सांस्कृतिक संस्थानों की ओर से सम्मान प्राप्त हुए और सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में अनुयायी मिले।

राजनीति में एंट्री

2025 में मैथिली ठाकुर ने राजनीति में कदम रखा और उसी साल वे अपने निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीतकर विधानसभा में पहुंचीं—जिससे वे देश की सबसे युवा विधायकों में से एक बन गईं। यह जीत संगीत के साथ‑साथ जमीनी संपर्क और जनता में उनकी लोकप्रियता का नतीजा थी।

नेट वर्थ और संपत्ति (संक्षेप)

चुनावी हलफनामे के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति लगभग ₹1.5 करोड़ के आसपास आंकी गई थी। इसमें अचल संपत्ति, बैंक बैलेंस और व्यक्तिगत संपत्तियाँ शामिल हैं।

मैथिली की वैश्विक और सामाजिक भूमिका

मैथिली ठाकुर ने पारंपरिक संगीत को डिजिटल दुनिया के माध्यम से नए दर्शकों तक पहुँचाया है। उनकी प्रस्तुति केवल मनोरंजन नहीं—बल्कि सांस्कृतिक संरक्षण और आध्यात्मिक अनुभव का एक जरिया भी बनी है।

निष्कर्ष

मैथिली ठाकुर की कहानी यह सिखाती है कि पारंपरिक जड़ों से जुड़ी कला, समर्पण और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म मिलकर किसी कलाकार को राष्ट्रीय पहचान दे सकती हैं। वे संगीत और राजनीति के बीच सेतु बनकर नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।

लेखक: लेखक नाम • अपडेट: 16 नवंबर 2025 • स्रोत: सार्वजनिक जानकारी और मीडिया कवरेज

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मैथिली ठाकुर डिस्कोग्राफी (लोकप्रिय गीतों की सूची)

गीत का नाम शैली वर्ष
ऐगिरी नंदिनी देवी स्तोत्र 2020
शिव तांडव स्तोत्र भक्ति 2021
अवध में राम आए हैं भक्ति 2022
राधे कौन से पुण्य किए भजन 2021
राम जी से पूछे जनकपुर की नारी मिथिला लोकगीत 2023
होली रे रसिया लोकगीत 2024
हरि नाम नहीं तो जीना क्या भजन 2020
श्याम चंदा है भक्ति 2023
नमामि शामिशान शिव स्तुति 2022
सीता श्रृंगार गीत लोकगीत 2024

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